शेयर मार्किट से लाभ के ग्रहयोग

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 April 10, 2017

आज के समय में शेयर मार्किट एक ऐसा विषय है जिसकी और हर एक व्यक्ति आकर्षित होता है और इसे धन लाभ अर्जित करने के लिए एक सुनहरे मार्ग के रूप में देखा जाने लगा है और अधिकांश व्यक्ति अपने पास उपस्थित धन का कुछ ना कुछ भाग शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करने के इच्छुक होते ही हैं, पर सभी व्यक्तियों को इस क्षेत्र से लाभ प्राप्त होता ही हो ऐसा नहीं है, जहाँ बहुत से लोग शेयर में अपना धन इन्वेस्ट करके बड़ा लाभ कमाते हैं तो बहुत से व्यक्तियों को भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ता है ज्योतिषीय दृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहस्थिति भिन्न-भिन्न होती है इसलिए जिस कार्य में एक व्यक्ति उन्नति कर रहा है दूसरा भी उसमे सफल हो ऐसा आवश्यक नहीं है इसी प्रकार शेयर मार्किट का क्षेत्र किसी व्यक्ति के लिए लाभदायक होगा या नहीं यह पूरी तरह उसकी कुंडली में बनी ग्रहस्थिति पर निर्भर करता है, तो आईये जानते हैं हमारी कुंडली में कौनसे ग्रहयोग शेयर मार्किट से लाभ कराने में अपनी भूमिका निभाते हैं।

ज्योतिष में शेयर मार्किट के लिए सीधे सीधे किसी एक ग्रह की भूमिका होकर कुंडली केपंचम भावको सर्वाधिक महत्व दिया गया है, जन्मकुंडली के पंचम भाव को शेयर, लॉट्री या स्पेकुलेशन आदि का कारक भाव माना गया है इसलिए शेयर मार्किट से जुड़ने या लाभ प्राप्त करने में सबसे पहले तो कुंडली के पंचम भाव और पंचमेश का शुभ स्थिति में होना आवश्यक है, इसके बाद लाभ स्थान अर्थात कुंडली के ग्यारहवे भाव की भी यहाँ महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि किसी भी प्रकार से इन्वेस्ट किये गए धन से आपको लाभ प्राप्त हो पायेगा या नहीं या किस स्तर का लाभ जीवन में होगा यह लाभ स्थान और लाभेश की स्थिति पर निर्भर करता है, शुक्र धन और विलासिता का कारक होने से यहाँ अपनी सहायक भूमिका निभाता है इसी प्रकार राहु को आकस्मिक कार्य या झटके के कार्यों का कारक होने से राहु की भी यहाँ सहायक भूमिका होती है, अतः निष्कर्षतः कुंडली में पंचम भाव और पंचमेश बली स्थिति में होने पर शेयरमार्केट से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं इसके अलावा लाभ स्थान, लाभेश  और शुक्र जितनी अच्छी और मजबूत स्थिति में होंगे उतना ही अच्छी मात्रा में व्यक्ति को लाभ होता है।

शेयर-मार्किट में सफलता के कुछ विशेष ग्रहयोग –

  1. यदि कुंडली में पंचमेश पंचम भाव में ही स्थित हो तो शेयर मार्किट से जुड़कर लाभ प्राप्त होता है।
  2. यदि पंचमेश (पंचम भाव का स्वामी) स्व या उच्च राशि में होकर शुभ स्थान में हो तो शेयर मार्किट में लाभ प्राप्त होता है।
  3. यदि बली पंचमेश की पंचम भाव पर दृष्टि हो तो यह भी शेयरमार्केट में सफलता दिलाता है।
  4. पंचमेश का दशम या एकादश भाव में होना भी शेयर मार्किट से जुड़कर लाभ कराता है।
  5. यदि पंचमेश दशम भाव में और दशमेश पंचम भाव में हो तो शेयर मार्किट से जुड़कर व्यक्ति लाभ प्राप्त करता है।
  6. यदि पंचमेश लाभ स्थान (ग्यारहवा भाव) में और लाभेश पंचम भाव में हो तो व्यक्ति शेयर मार्किट से बहुत लाभ कमाता है।
  7. पंचमेश और धनेश का राशि परिवर्तन भी शेयर मार्किट में अच्छे परिणाम दिलाता है।
  8. यदि लाभेश लाभ स्थान में हो या लाभेश की लाभ स्थान पर दृष्टि हो तथा पंचमेश और पंचम भाव शुभ स्थिति में हों तो भी शेयर मार्किट में अच्छा लाभ मिलता है।
  9. पंचमेश का लाभेश या दशमेश के साथ केंद्रत्रिकोण में होना भी इस क्षेत्र से लाभ कराता है।
  10. भाग्येश और पंचमेश का राशि परिवर्तन भी शेयर मार्किट के लिए अच्छा योग है।
  11.  राहु का लाभ स्थान (ग्यारहवा भाव) में होना शेयर मार्किट के क्षेत्र के लिए सहायक होता है पर पंचम भाव और पंचमेश शुभ स्थिति में होने चाहियें।
  12. यदि शुक्र स्व या उच्च राशि में हो तथा पंचमेश शुभ स्थान (केंद्रत्रिकोण) में हो तो यह भी शेयर मार्किट में अच्छी सफलता दिलाता है।
  13. राहु का उच्च राशि में होकर शुभ स्थान में बैठना भी व्यक्ति को आकस्मिक निर्णय लेने की अच्छी क्षमता देकर शेयर मार्किट के क्षेत्र में सहायक होता है।
  14. राहु शुभ भाव में हो कुंडली के शुभकारक ग्रहों के प्रभाव में हो तथा किसी ग्रह के साथ कोई दुर्योग न बना रहा हो तो भी इस क्षेत्र के लिए सहायक होता है।

विशेष – जैसा की हमने यहाँ देखा के कुंडली का पंचम भाव शेयर मार्किट के कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाता है और लाभ स्थान लाभेश की स्थिति होने वाले लाभ का स्तर तय करती है तो यहाँ विशेष बात यही है के पंचम भाव और पंचमेश बली होने पर भी आपकी पूरी कुंडली की स्ट्रैन्थ कितनी है यह बात संपूर्ण सफलता को निश्चित करती है अर्थात पंचम भाव और पंचमेश तो बहुत लोगो की कुंडली में बलि हो सकते हैं पर हर व्यक्ति की कुंडली में बने बाकि अच्छे या कमजोर ग्रहयोग प्रत्येक व्यक्ति को भिन्न स्तर की सफलता देते हैं।  कुंडली में पंचम भाव, पंचमेश लाभ स्थान शुभ स्थिति में होने पर जो ग्रह कुंडली में बहुत बलवान और अच्छी स्थिति में हो उन से सम्बंधित वस्तुओं पर निवेश करना अच्छा होता है।

“जिन लोगो की कुंडली में पंचमेश नीच राशि मे हो, छटे, आठवे या बारहवे भाव मे हो, पंचम भाव में पाप योग बन रहे हों, लाभेश पाप भाव में हो या लाभ स्थान और लाभेश पीड़ित हों उन्हें शेयर मार्किट में इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए ऐसे में हानि की अधिक सम्भावना होती है।”  इसके अतिरिक्त कुंडली में चल रही ग्रहदशायें और गोचर ग्रह वर्तमान में लाभ या हानि को निश्चित करते हैं इसलिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही इस क्षेत्र में जाना चाहिए।

।।श्री हनुमते नमः।।

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