राहुकाल

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 April 7, 2017

ज्योतिषशास्त्र में किसी भी कार्य को करने के लिए मुहूर्त का बड़ा महत्व है। मुहूर्त वास्तव में हमें बताता है के वर्तमान समय में किसी विषेश कार्य को करने के लिए प्रकर्ति और प्राकर्तिक ऊर्जाएं सकारात्मक हैं या इस समय में नकारात्मक ऊर्जाएं प्रकर्ति में फैली हैं। राहुकाल भी प्रतिदिन पड़ने वाला एक समय काल ही है जो प्रतिदिन डेड घंटा (90 मिन्ट) उपस्थित रहता है। राहुकाल को ज्योतिष  ग्रंथों में एक अशुभ समय काल के रूप में बताया गया है और राहुकाल के मध्य किसी शुभ या मंगलकार्य  का आरम्भ करना अच्छा नहीं माना  गया है।  राहुकाल एक बाधक समय काल होता है इसलिए राहुकाल में शुरू किये गये कार्य में बहुत बाधायें आती हैं।

किन-किन चीजों में देंखे राहुकाल –

किसी भी शुभ या मंगल कार्य या किसी नए कार्य की आरंभ राहुकाल में नहीं करना चाहीये जैसे विवाह संस्कार , वाग्दान संस्कार, नीवपूजन, गृह-प्रवेश, व्यापर -आरंभ, ऑफिस-ओपनिंग, वाहन खरीदना, जॉब ज्वाइन करना, बड़ी बिजनेस डील करना, यात्रा पर जाना, लोन लेना आदि कार्यों की शुरुआत राहुकाल में नहीं करनी चाहिए। यहाँ यह बात ध्यान रखना आवश्यक है के किसी भी शुभ या नये कार्य के केवल आरम्भ के लिए ही राहुकाल का विचार किया जाता है यदि कोई कार्य राहुकाल से कुछ समय पहले शुरू हो जाता है और उसके बाद राहुकाल शुरू हो तो इसमें कोई दोष नहीं है किसी भी कार्य के बीच में राहुकाल पड़ना दोष नहीं है केवल कार्य की शुरुआत राहुकाल में नहीं करनी चाहिये।  प्रति-दिन राहुकाल का समय-

सोमवार – 7:30.am to 9.am

मंगलवार- 3.pm to 4:30.pm  

बुधवार- 12.pm to 1:30.pm

बृहस्पतिवार- 1:30 to 3.pm

शुक्रवार- 10:30.am to 12.pm

शनिवार- 9.am to 10:30.am

रविवार- 4:30pm to 6.pm

 

।।  श्री हनुमते नमः ।।

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